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UPSF ने 60 वॉ स्थापन मनाया

UPSF की शाखाएं पूरी दुनिया में है।

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मोतिहारी
*यूनीवर्सल प्राउटिष्ट स्टूडेंट्स फेडरेशन का 60 वॉ स्थापना दिवस मनाया गया*

मोतिहारी के न्यू चांदमारी के स्तानीय स्कूल में यूनिवर्सल प्राउटिष्ट स्टूडेंट्स फेडरेशन का 60 वॉ स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं वक्ता आचार्य सिद्धविद्यानंद अवधूत द्वारा संगठन के प्रणेता और विश्व गुरु श्री प्रभात रंजन सरकार जी के प्रतिकृति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में आये अतिथि श्री ध्रुव नारायण प्रसाद जी, आचार्य मुक्तेश्वरानंद अवधूत जी, रामाधार जी, सामाजिक कार्यकर्ता लव किशोर निषाद जी, पूर्व राष्ट्रीय सचिव वेद प्रकाश जी को जिला कमिटी द्वारा सम्मानित कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।

इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आचार्य सिद्धविद्यानंद अवधूत ने कहा कि UPSF की स्थापना 15 सितंबर 1959 में श्री प्रभात रंजन सरकार ने मोतिहारी के ऐतिहासिक धरती पर किये थे। इस छात्र संगठन का मुख्य मांग विद्यार्थियों को सुंदर वातावरण एवं संसाधनों की पूर्ति हो जिससे उनके अध्ययन करने में कोई असुविधा नहीं हो, शिक्षा रोजगारोन्मुखी हो, शिक्षा के उपरांत शत प्रतिशत रोजगार की गारंटी होना चाहिए, शिक्षा के क्षेत्र में राजनीतिज्ञों के हस्तक्षेप से शिक्षा लचर पचर हो गई है अतः शिक्षाविदों द्वारा गठित परिषद द्वारा शिक्षा परिचालित होनी चाहिए। जरूरत है इन सभी समस्याओं के निदान के छात्र छात्रा अधिक से अधिक संख्या में UPSF से जुड़े।

वही UPSF के स्टेट कॉर्डिनेटर आदित्य कुमार ने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों से व्यवसाय किया जाता है। वैकेंसी के नाम पर लाखों छात्रों से फॉर्म के नाम पर कड़ोरो, अरबो कमाया जाता है। वहीं मेधा शक्ति का दुरुपयोग आज के अनैतिक नेतागण कर रहे हैं। इसलिए UPSF एक ऐसा नैतिकवान छात्रों का संगठन है जो बिल्कुल राजनीतिक पार्टी से अलग है जिसका उद्देश्य निशुल्क एवं समान शिक्षा, शिक्षा के उपरांत रोजगार की गारंटी की मांग है। UPSF नव्य मानवतावाद शिक्षा का पक्षधर है जिसके माध्यम से विद्यार्थियों का चारित्रिक निर्माण एवं शिष्टाचार आदि गुणों का अभी प्रकाश हो सके।

डी सी एस आचार्य मुक्तेश्वरानंद अवधूत ने कहा कि पूंजीवाद एवं साम्यवाद के भयानक कृत्य से संसार में शोषण अधिक बढ़ता जा रहा है अतः प्रउत प्रदर्शन के आलोक में समाज को मजबूत करना होगा। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बीच प्रेम एवं सौहार्द का संबंध बन सके इसके लिए छात्रों को नैतिकवान एवं चरित्रवान बनाना जरूरी है।

ध्रुवनारायण प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश निर्माण में विद्यार्थियों का अहम भूमिका है। विद्यार्थी ही देश में परिवर्तन ला सकते हैं इसलिए सभी छात्रों को एक जुट होना पड़ेगा। UPSF से जुड़कर सभी विद्यार्थी को भारतवर्ष में शिक्षा की ज्योति जलानी होगी, भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियों जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं शराब मुक्त भारत के निर्माण में विद्यार्थियों को आगे आना होगा और नए संकल्प के साथ कार्य करना पड़ेगा।

लव किशोर निसाद जी ने यूनिवर्सल प्राउटिष्ट स्टूडेंट्स फेडरेशन के बारे में विस्तार से बताते हुए छात्र छात्राओं को UPSF से जुड़ने के लिए अपील किया।

UPSF के पूर्व राष्ट्रीय सचिव वेद प्रकाश जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि UPSF का यूनिट सभी प्रखंड, कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी में होगा। सभी छात्रों का इसमें सहयोग चाहिए।

शिवहर के जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार एवं सचिव अंजय कुमार ने कहा कि छात्रों को संस्कारी और अनुशासित होना अनिवार्य है तभी एक सभ्य समाज का निर्माण हो सकता है। शिक्षा एक घर के नीव के तरह होती है किसी मनुष्य को आधारभूत संरचना प्रदान करती है।

उक्त कार्यक्रम का अध्यक्षता ध्रुवनारायण प्रसाद एवं मंच संचालन आदित्य कुमार के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में रामाधार जी, रामानुज जी, आदित्य जी सहित छात्र नवलेश कुमार, जय श्री, रंजीत कुमार, सनी कुमार, राजन कुमार, आलोक कुमार, सरोज कुमार, संजीत कुमार, मणि कुमार सहित सैकड़ों छात्र छात्रा ने भाग लिया।

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